भेट 

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एकटेपणा 

मनातली एखादी गोष्ट आपण कुणालाही सांगू नाही शकत आणि ती गोष्ट मनातच राहते ती गोष्ट म्हणजे एकटेपणा जवळच असणार माणूस जेव्हा आपल्याला समजू नाही शकत आणि विचारू नाही शकत त्यामूळे धीर सुटून जातो आणि मनात वादळ येते आणि काय करावे कळत  नाही कुणाला सांगावे कळत नाही तेव्हा जी पारिस्थिती निर्माण होते तो म्हणजे एकटेपणा. 

प्रेमाची सुरुवात 

ही कविता म्हणजे पहिल प्रेम म्हटल तरी चालेल पहिल्या प्रेमाची पहिली सुरुवात आणि त्यात मिळणारा आनंद म्हणजे ही कविता …..
पाहील तुला मी,

हरवून गेलो,

कस सांगु तुला,

प्रेमात पडलो,
आतूर मी झालो,

तिला पहाण्यासाठी,

घडेल का भेट,

मिळेल का? ती,
असेल का तिच्या,

ओठावरी लाली,

दिसेल का ती,

फुलातली नारी,
देईल का ती,

हात हाती माझ्या,

म्हनेल का ती,

तु प्रित माझी राजा,

कळेल का तिला,

मनातले माझ्या,

पडेल का ती,

प्रेमात माझ्या,
समीर डांगे

​*अगर गांधी देशभक्त था?* 

*अगर गांधी देशभक्त था?* 

अगर गांधी देशभक्त था ? 

तो उसने हिंदुओ को अहिंसा,

मुसलमानो को हिंसा का मार्ग क्यो दिखाया,

अगर गांधी देशभक्त था ? 

तो उसने मंदिरोमे ईश्वर अल्ला तेरो नाम शिखाया,

तो मज्जिदोमे रघुपती राघव राजाराम क्यो नही शिखाया,

अगर गांधी देशभक्त था ?

तो उसने पाकिस्थान क्यो बनाया,

तभी पाकिस्थान से हिंदुओ कि लाशे आ रही थी,       

भारत मे मुसलमानो कि जान सही सलामत थी,

अगर गांधी देशभक्त था?

तो उसने देश को धर्म के नाम पर क्यो बाटा,

और देश की जनता क्यो धोके मे रखा,

अगर गांधी देशभक्त था?

तो उसने गीता पढाने के लिये गुरुकुल क्यो नही बनवाये,

मसुलमानो के लिये कुराण पढाने मदरसा क्यो बनवाये,

अगर गांधी देशभक्त था?

तो उसने अंग्रेजो से खुद बंदुक कि गोली खाकर देश आजाद क्यो नही किया,

जनता को गोली खाने के लिये आगे क्यो भेजा,

अगर गांधी देश भक्त था?

तो बॅरिस्टर होकर भी,

सचे देश भक्त भगतसिंग, राजगुरु, सुखदेव का मुक्कदमा क्यो नही लढा,

अगर गांधी देशभक्त था?

तो उसेन नेताजी की आझाद हिंद सेना को लेकर देश को आझाद क्यो नही किया,

उलटा नेताजी को ही देशद्रोही क्यो कहा?

नेताजी का साथ क्यो नही दिया?

अगर गांधी देशभक्त था?

तो उसने मंगल पांडे को देशभक्त क्यो नही कहा?

जीना जैसे सैतान को उसने देशभक्त क्यो बताया,

अगर गांधी देशभक्त था?

तो उसने अंग्रेजो से लढे बिना देश को आझादी कैसे दिलायी,

भारत के तुकडे करके आझादी दिलायी,

और खुद हिरो हो गया,

उसके बाद उस तुकडे हुये पाकिस्थान के लिये अनशन पे बैठ गाया,

ताकी भारत उनकी मांगे पुरी करे,

गांधी ने एक दिन नही हुआ बेटा पैदा किये,

की उन्हे पाकिस्थान कि चिंता थी,

पर उन्हे उसकी चिंता नही थी?

कितने सालो से भारत कि आझादी के लिये मर रहे थे ,

उन्हे उनकी चिंता नही थी जिन्होने अपना लहु बहाया था,

उन्हे उनकी चिंता नही थी जो फाशी पे लटक गये थे,

जीना जैसा सैतान गांधी ने पैदा किया था,

देश के तुकडे करके आझादी दिलाके गांधी देशभक्त बना था,

ईसलिये गोडसे ने गांधी को मारा था.                                      

                                          कवी, लेखक

                                                 समीर डांगे

चारोळी

रुप हासरे,

फुलली मनात पाखरे,

नयन बोलके सांगती,

बंद ओठांतले शब्द सांग रे.

           समीर डांगे